देहरादून राजधानी में बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए अब व्यापक सर्विलांस का अभियान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से चलाने का निर्णय लिया है। बीते वर्ष कोविड काल में भी आशा कार्यकत्रियों ने गली-गली मोहल्ले जाकर हर घर का सर्वे कर डेटा एकत्र किया था।इससे कोविड कंट्रोल में बड़ी मदद मिली थी।जिसको देखते हुए एक बार फिर कोरोना की दूसरी लहर में इनकी मदद ली जा रही है। उत्तराखंड में आशा वर्कर और आंगनबाड़ी की की महिलायें छोटे बच्चो को ही नहीं देख रेख करती बल्कि आपात काल में भी देश की मदद के लिये आगे रहती हैं। कोरोना की नफ्ली लहर में जिस तरह से इन महिलाओं ने कार्य किया था वही कार्य ये महिलायें दूसरी लहर में भी करने जा रही है।
जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि एक बार फिर से राजधानी में एक व्यापक सर्वे के लिए आशा कार्यकत्रियों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले जाकर आशा कार्यकत्रियां खाँसी, जुकाम,नजला या सांस में आ रही समस्या के दृष्टिगत पीड़ितों का डेटा एकत्र करेंगी। इस डेटा को स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करते हुए इलाकेवार जानकारी एकत्र होगी। ये एक प्रकार से व्यापक जन सर्वे होगा।जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जाएगा।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सर्विलांस की ज़िम्मेदारी
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