Sunday, March 8, 2026
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उत्तराखंडः 24 अगस्त से 25 सितंबर तक होंगी विश्वविद्यालय परीक्षाएं

देहरादून। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं 24 अगस्त से 25 सितंबर तक होंगी। परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन कराने का विकल्प विश्वविद्यालयों को दिया गया है। रिजल्ट 25 अक्टूबर तक घोषित किया जाएगा। एक नवंबर से नया सत्र प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में अहम निर्णय लिए गए। विश्वविद्यालय परीक्षा पर स्थिति साफ कर दी गई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक परीक्षाएं कराने पर चर्चा की गई। श्रीदेव सुमन, कुमाऊं और मुक्त विश्वविद्यालय ऑफलाइन तथा दून विश्वविद्यालय, पंतनगर विश्वविद्यालय व भरसार विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की ऑनलाइन परीक्षाएं कराएंगे। यह तय किया गया कि पुराने छात्र-छात्राओं की सेमेस्टर परीक्षाओं के मामले में यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाही होगी। छात्र-छात्राओं को अगली कक्षाओं में पदोन्नत कर पांच अगस्त तक परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। 16 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।

12वीं का रिजल्ट घोषित होने के साथ ही सभी सरकारी विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में बीए, बीएससी, एमए, एमएससी की प्रथम वर्ष की कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। एक नवंबर से कक्षाएं शुरू होंगी। कुलपतियों ने बताया कि कई कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को कोविड-19 क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। यह निर्णय लिया गया कि संबंधित संस्था के मुखिया के पत्र के आधार पर जिलाधिकारी 25 जुलाई तक क्वारंटाइन सेंटर खाली कराते हुए उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करेंगे। छात्रों के आने से पहले सेनिटाइजेशन की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत हैं। इनमें से करीब 80 हजार छात्र-छात्राएं अंतिम वर्ष या सेमेस्टर के हैं। बाहरी राज्यों के करीब 25 हजार छात्र-छात्राएं यहां अध्ययनरत हैं। इन्हें परीक्षा से पहले एक अगस्त तक संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज में अपनी उपस्थिति देनी होगी। छात्रों को अपने प्रदेशों से कोविड-19 टेस्ट कराते हुए प्रमाणपत्र साथ लाना होगा। इससे वे क्वारंटाइन की अनिवार्यता से बच सकेंगे।

उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव आनंद बद्ध्र्रन ने बताया कि यूजीसी ने शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालय आने से दी गई छूट समाप्त की है। अब सभी प्राचार्यों, शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। आदेशों का पालन न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति ओपीएस नेगी ने मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए विश्वविद्यालय की ओर से 5.80 लाख का चेक भेंट किया गया।

बैठक में उच्च शिक्षा सलाहकार डॉ बीएस बिष्ट, दीप्ति रावत, दून विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 एके कर्नाटक, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीपी ध्यानी, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एनके जोशी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ कुमकुम रौतेला, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार डॉ नरेंद्र सिंह, रूसा सलाहकार डॉ एमएसएम रावत, डॉ केडी पुरोहित, पंतनगर विश्वविद्यालय के डीन डॉ एसके कश्यप, संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल, कुलसचिव सुधीर बुडाकोटी, एमएमस मंद्रवाल, विपिन चंद जोशी, डॉ एएस उनियाल उपस्थित थे।

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