Saturday, March 7, 2026
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नशे के गर्त में युवाओ का भविष्य,बड़े जिलों में पेडलर्स बेखौफ

देवभूमि की शांत वादियों में नशे का शोर होने लगा है युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे है आलम यह है कि बड़े पैडलर युवाओ से नशे के कारोबार को करा रहे है नाबालिग बच्चो से लेकर महिलाये भी इस नशे के मकड़जाल में धसते हुए दिखाई दे रहे है यह कहना गलत नही होगा मैदानी क्षेत्रों ही नहीं राज्य के पहाडी क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है और शांत वादिया को अब पेडलर्स के निशाने पर देखा जा सकता है चिंताजनक बात यह है कि इसकी चपेट में बड़ी संख्या में छात्र आ रहे हैं नशे का कारोबार पर रोक लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस लगातार सख़्त कदम उठाती दिखाई देती है तमाम जिलों में लगातार नशे के फैलते कारोबार को रोकने के लिए ऑपरेशन चलाये जा रहे है लेकिन इसके बाद भी पूर्ण रूप से नशा तस्करो पर लगाम नही लगाई जा सकी उललेखनीय है कि उत्तराखंड में दूर दराज से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते है लेकिन यहाँ आकर घर से दूर वह अपने जीवन को नशे की लत का शिकार बनाते है ऐसे में कई सवाल खड़े होते है कि नशे की खेप मुहिया कहा से होती है कैसे छात्रों तक पहुँचाई जाती है ।उत्तराखंड में लगातार नशा तस्कर जिस तेजी से बढ़ रहे है उड़ता उत्तराखंड अगर हम कहे तो यह कहना भी गलत नही होगा आलम यह है कि लगातार नशा तस्कर सक्रिय है उत्तराखंड में लगातार जिस तरह नशे का खेल बढ़ रहा है मानो पैडलर में पुलिस का खौफ़ ख़त्म हो रहा है

पुरषो के साथ महिलाये भी तस्करी में लिप्त

एक तरफ उत्तराखण्ड के गठन में महिलाओं का अहम योगदान रहा कई महिला आंदोलन करियो की शहादत के बाद उत्तराखण्ड का गठन 20 साल पहले हो पाया तो दूसरी तरफ अब महिलाये ही इस नशे के इस कारोबार में बड़ी संख्या में उतर रही है हाल ही में चंद जिलों में ऑपरेशन के तहत महिलाओं पर भी कार्रवाई की गई है उदाहरण बताते है कि महिलाओं को भी यह धंधा अपनी और आकर्षित कर रहा है

क्या कहते है कानूनी जानकर

बता दें कि अभी तक नशे के तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट में सज़ा का प्रावधान है एनडीपीएस एक्ट में सज़ा सीमित होने के चलते यह तस्कर मामूली से चालान और कुछ समय जेल में बिता कर बाहर आ जाते हैं और फिर इसी धंधे में सक्रिय हो जाते हैं यही एक वजह मानी जाती है कि तस्करो में पुलिस का खौफ खत्म होता हुआ दिखाई दे रहा है हालांकि पुलिस ने अब नशे के तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने का फैसला भी लिया था डीजी (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार का कहना है कि इस मुहिम से राज्य में नशे के कारोबार को रोकने में मदद मिलेगी.

कानूनी जानकर रजत दुआ का कहना है कि जो अभियुक्त लगातार नशे के कारोबार में संलिप्त और सक्रिय रहते है उनपर सख्ती से कार्रवाई करने की आवश्यकता है और दूसरी बार नशे के कारोबार में पकड़े जाने पर बड़ी धाराओ यानी नॉन बेलेबल धाराओ में चार्जशीट आनी चाहिए ताकि उन्हें आराम से ज़मानत न मिल सके और ऐसे तस्करो पर लगाम लग सके

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