Saturday, March 7, 2026
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बद्रीनाथ हाइवे के साथ प्रदेश की कुल 347 सड़कें बंद, कई जिलों में मौसम का अलर्ट

उत्तराखंड में लगातार तीन दिन से जारी बारिश मंगलवार को राजधानी देहरादून समेत कुछ जगहों पर थमी है, लेकिन कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। वहीं, मौसम विभाग ने आज बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 21 और 22 जुलाई को भी नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले के लिए बारिश की चेतावनी देते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण मलबा आने से सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार तक प्रदेश की कुल 347 सड़कें बंद थीं। इनमें 323 वह सड़कें ऐसी हैं, जो गांवों को सीधे जिला मुख्यालयों से जोड़ती हैं। ऐसे में इन गांवों में रह रहे लोगों को विभिन्न दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल लाइनों और सिंचाई नहरों को भी नुकसान पहुंचा है। जिसका अभी आकलन ही किया जा रहा है।

मंगलवार दोपहर तक लोनिवि की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य में कुल 347 मार्ग अवरुद्ध थे। इनमें दो नेशनल हाईवे, चार राज्य सड़कें, 11 जिला मोटर मार्ग, आठ अन्य जिला मार्ग, 124 ग्रामीण सड़कें (सिविल) और 199 सड़कें पीएमजीएसवाई की मलबा आने और अन्य दूसरे कारणों से अवरुद्ध थीं। कार्यदायी एजेंसी लोनिवि और अन्य एजेंसियों के सामने समस्या ये है कि उन्हें नियमों के तहत पहले नेशनल हाईवे, फिर राज्य सड़कें और इसके बाद जिला मार्ग खोलने होते हैं। ऐसे में ग्रामीण सड़कों का नंबर सबसे आखिर में आता है। इधर लगातार बारिश के बाद सड़कों के खुलने के बाद फिर से बंद होने का सिलसिला भी चलता रहता है। लोनिवि की ओर से सड़कों को खोलने के लिए कुल 438 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है।

सड़कों को खोलने को लगाईं 438 जेसीबी
लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पहले मुख्य सड़कों और फिर ब्रांच रोड को खोलने का काम किया जा रहा है। इस काम में प्रदेशभर में 438 जेसीबी तैनात की गई हैं। 141 जेसीबी की तैनाती नेशनल हाईवे पर की गई है। इसी तरह से 31 जेसीबी स्टेट हाईवे, 13 मुख्य जिला मार्गों, 13 अन्य जिला मार्गों, 95 विलेज रोड और 145 पीएमजीएसवाई की सड़कों को खोलने पर लगाया गया है।

 

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे और टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग बंद

लगातार हो रही बारिश के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर अचानक भूस्खलन हो गया। रास्ते पर मलबा आने से हाईवे बंदहो गया है। वहीं, तोताघाटी  व इसके आस-पास अन्य जगहों पर भी बोल्डर और मलवा आने से बंद बदरीनाथ हाईवे दोपहर 12 बजे खोल दिया गया। वहीं, देवप्रयाग के पास हाईवे बंद हो गया। उधर, गौला बैराज में नदी उफान पर आ गई। वहीं, टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग में हनुमानचट्टी के पास तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया।

सीएम का केदारनाथ दौरा रद्द
प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अतिवृष्टि व आपदा को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज केदारनाथ व रुद्रप्रयाग का दौरा रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री आज सचिवालय में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ दोपहर 12 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन की समीक्षा करेंगे। बैठक में लोनिवि, स्वास्थ्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, सिंचाई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

मलबे और पेड़ की चपेट में आने से बच्चे की मौत
पौड़ी की तहसील चाकीसैंण में गदेरा(नाला) पार करते समय मालबे और पेड़ की चपेट में आने से 12 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई है। तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार चोली टल्ली गांव के आठ बच्चे तारा कुंड ट्रेक पर गए थे। वापस लौटते समय कांडा में गदेरा पैदल पार करते हुए गौरव रावत पुत्र भगत सिंह उम्र 12 साल निवासी स्योली पेड़ की चपेट में आ गया। उसे उपचार के लिए सीएचसी पाबो में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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