Saturday, April 25, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डमिशन 2022 के लिए कांग्रेस ने उतारी सेना, खेमे, जातीय और क्षेत्रीय...

मिशन 2022 के लिए कांग्रेस ने उतारी सेना, खेमे, जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने का प्रयास

मंत्रणाओं और मैराथन बैठकों के बाद आखिरकार कांग्रेस आलाकमान ने 2022 के विधानसभा चुनाव अभियान के लिए अपनी सेना का एलान कर दिया है। प्रदेश की सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रही कांग्रेस ने किसी एक खेमे को तरजीह देने के बजाय सबको साथ लेने और खुश करने की कोशिश की है।

खेमों के साथ ही क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के लिए उसने पंजाब कांग्रेस के  एक प्रदेश अध्यक्ष व चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फार्मूले को उत्तराखंड में लागू किया। खांटी राजनेता व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव कमेटी की कमान सौंपकर पार्टी ने भविष्य की संभावनाओं की ओर भी इशारा किया है।

पंजाब का फार्मूला उत्तराखंड में भी
हर दिग्गज और खेमे को खुश करने का जो फार्मूला कांग्रेस ने पंजाब में आजमाया। वही फार्मूला उत्तराखंड कांग्रेस पर भी लागू कर दिया गया। पंजाब की तुलना में छोटे राज्य उत्तराखंड में कांग्रेस का एक प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष बना दिए।

हैवीवेट प्रीतम को भी दी तरजीह
पार्टी आलाकमान ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से विदा हुए प्रीतम सिंह की राय को तरजीह दी। प्रीतम अपनी पसंद के कार्यकारी अध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। पार्टी की हर कमेटी में उनकी पसंद का चेहरा शामिल किया गया।

एक साथ सारे समीकरण साधने की कोशिश
पार्टी आलाकमान ने खेमों के बीच संतुलन साधने के अलावा क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को भी साधने की कोशिश की। पूर्व विधायक गणेश गोदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जहां हरीश रावत खुश किया गया तो वहीं कुमाऊं से भुवन कापड़ी और तिलक राज बेहड़ को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष पद से विदा हुए प्रीतम सिंह को संतुष्ट करने की कोशिश की गई।

गढ़वाल से पूर्व विधायक प्रो. जीत राम को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया तो वहीं रंजीत रावत को भी यह अहम जिम्मेदारी मिली। कभी हरीश रावत के कट्टर समर्थक माने जाने वाले रंजीत रावत अब प्रीतम सिंह के ज्यादा करीबी हैं। उनकी ताजपोशी में प्रीतम खेमे का बड़ा हाथ माना जा रहा है। तकरीबन हर बड़े चेहरे को पार्टी ने किसी न किसी समिति में अहम जिम्मेदारी दी। मिसाल के तौर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय कांग्रेस समन्वय समिति की कमान सौंपी गई। इसी तरह नव प्रभात,प्रदीप टम्टा, नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश को भी महत्व दिया गया। हरीश रावत खेमे के प्रदीप टम्टा तकरीबन सभी प्रमुख समितियों में शामिल हैं।

चुनाव प्रचार समिति में हरीश खेमे का दबदबा
चुनाव प्रचार समिति की कमान पार्टी ने दिग्गज हरीश रावत को सौंपी। इस समिति में हरीश रावत के वफादार प्रदीप टम्टा को उपाध्यक्ष बनाया गया जबकि हरीश रावत कैंप में ही रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल संयोजक बनाए गए।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments