प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में जनसभा को संबोधित करते हुए देश में हो रहे तेज विकास कार्यों को “मोदी की गारंटी” बताया। उन्होंने कहा कि पहले पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना दो लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे, जबकि आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। उत्तराखंड में ही सवा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले गांवों में सड़क के इंतजार में पीढ़ियां गुजर जाती थीं, लेकिन अब सड़कें गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और वीरान गांव फिर से जीवंत हो रहे हैं।
उन्होंने विकास को देश की “भाग्य रेखा” बताते हुए कहा कि जैसे लोग अपने भविष्य के लिए हाथ की रेखाएं देखते हैं, उसी तरह राष्ट्र की भाग्य रेखाएं उसकी सड़कें, हाईवे, रेलवे और एक्सप्रेस-वे होते हैं। देश इन्हीं विकास की रेखाओं को मजबूत करने में जुटा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और प्रदेश के आराध्य देवों को नमन किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और मां डाट काली के आशीर्वाद से इतने बड़े प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दशक उत्तराखंड के विकास का दशक होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
इस मौके पर उन्होंने भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी सरकार संविधान की भावना के अनुरूप हर गरीब और वंचित वर्ग को न्याय देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आर्टिकल 370 हटाने का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और बोहाग जैसे त्योहारों की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में नमस्कार कर की और देरी से पहुंचने के लिए क्षमा भी मांगी। उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता के अपार स्नेह के कारण उन्हें अधिक समय लग गया।
प्रधानमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के चारों चरणों का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित किया और विकास के नए संकल्प के साथ उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

