Sunday, March 8, 2026
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सावधान : घर पर कोरनटाइन लोग गाइडलाइन का पालन न करें तो होगे फैसिलिटी कोरनटाइन में बंद ; मुकदमा भी किया जाएगा दर्ज

देहरादून : कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए होम कोरनटाइन किए गए कई लोग गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे। ऐसे लोगों को सरकार अब फैसिलिटी कोरनटाइन में बंद करने जा रही है।

इन लोगों के खिलाफ दूसरों की जान खतरे में डालने की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

विदेश की यात्रा कर लौटने वालों के साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये सैकड़ों लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने 28 दिन तक होम कोरनटाइन में रहने को कहा है। इन लोगों को दूसरे किसी भी व्यक्ति के संपर्क में न आने और घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गयी है।

लेकिन बड़ी संख्या में लोग इस सलाह को मान नहीं रहे हैं। हालत यह है कि कई जगह लोगों को पकड़ पकड़ कर घरों में भेजना पड़ा है। हरिद्वार, नैनीताल व दून के कई ऐसे मामले स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आये हैं। यही नहीं होम कोरनटाइन किए गए कई लोगों के तो पास पड़ोस से रिस्तेदार भी हालचाल जानने आ रहे हैं।

कई जगह होम कोरनटाइन किये गए लोग अपनी सोसायटी में लोगों से मेल मुलाकात कर रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए अब होम कोरनटाइन का ठीक से पालन न करने वालों के साथ कड़ाई से पालन करने का निर्णय लिया गया है। सभी जिलों को इस संदर्भ में कार्रवाई को कहा गया है।

दूसरों की जान खतरे में डालने का मुकदमा
होम कोरनटाइन का कड़ाई से पालन न करने वालों के खिलाफ सबसे पहले दूसरों की जान खतरे में डालने की धाराओं में मुकदमा किया जाएगा। उसके बाद सरकार की ओर से चिन्हित फैसिलिटी कोरनटाइन के एक बंद कमरे में डाल दिया जाएगा। ऐसे व्यक्ति से 28 दिन तक न कोई मिल पायेगा और न उसे कहीं भी बाहर जाने की इजाजत दी जाएगी। सिर्फ कमरे के दरवाजे पर टिफिन में खाना ही दिया जाएगा। ऐसे में यह कोरनटाइन घर के मुकाबले खासा मुश्किल हो सकता है।
क्यों किया जा रहा कोरनटाइन
कोरोना संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों ने संक्रमित या संक्रमण की आशंका वाले लोगों को अलग रखने की सलाह दी गयी है। कोरनटाइन कुल 28 दिन का होता है। इसमें शुरू के 14 दिन काफी सतर्कता की जरूरत होती है। 14 दिन तक कोई भी लक्षण नही मीले तो शेष 14 दिन भी सावधानी रखनी होती है।
अपनों के लिए रहें अलग- थलग
आईडीएसपी के इंचार्ज डॉ पंकज सिंह कहते हैं कि कोरनटाइन को सजा न समझें, यह आपके और आपके परिजनों को सलामत रखने के लिए जरूरी है। कोरनटाइन करना किसी भी व्यक्ति को इसलिए जरूरी है ताकि यदि उसमें लक्षण हों तो वह दूसरों तक न पहुंच सकें। इसलिए इसका पालन करें। और अपने प्रिय जनों को तब तक खुद से दूर रखें जब तक यह पक्का न हो जाए कि आपमे संक्रमण नहीं है।
होटल और गेस्ट हाउस बनेंगे फैसिलिटी कोरनटाइन
सरकार ने गढ़वाल मंडल विकास निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम के साथ ही कई होटल और गेस्ट हाउसों को कोरनटाइन के लिए चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। अपर सचिव पर्यटन के साथ ही कई अन्य अफसरों को इस काम मे लगाया गया है।
कोरोना संक्रमण की आशंका में होम कोरनटाइन किये गए कई लोगों के एडवाइजरी का पालन न करने की जानकारी मिली है। सरकार के पास इतना मैनपावर नहीं है कि कोरनटाइन किये गए एक एक व्यक्ति की निगरानी की जा सके। ऐसे में होम कोरनटाइन नियमों की एडवाइजरी का पालन न करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा गया है। साथ ही ऐसे लोग फैसिलिटी कोरनटाइन भी किये जाएंगे। -युगल किशोर पंत, अपर सचिव,  स्वास्थ्य
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