Saturday, April 25, 2026
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लाखों लोग आना चाहते हैं उत्तराखंड ; अब तक 1.25 ने कराया वापसी के लिए किया पंजीकरण

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में उत्तराखंड के लोग फंसे हुए हैं। इनमें से अभी तक 1.25 लाख लोग वापस आने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक दिल्ली, मुंबई और महाराष्ट्र के हैं। अब इन सभी लोगों को वापस लाने की तैयारी की जा रही है।

देहरादून। प्रदेश सरकार द्वारा देश के विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए शुरू की गई पंजीकरण प्रक्रिया के बाद अभी तक सवा लाख लोगों ने उत्तराखंड वापस आने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से तकरीबन एक हजार लोगों को वापस लाया जा चुका है। वहीं, उत्तर प्रदेश के तीन हजार लोगों को वापस भेजा जा चुका है। प्रदेश में आने वाले लोगों को आरोग्य एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा प्रदेश सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों और राज्य के भीतर जिलों में लोगों के आवागमन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना में लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में उत्तराखंड के लोग फंसे हुए हैं। इनमें से अभी तक 1.25 लाख लोग वापस आने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक दिल्ली, मुंबई और महाराष्ट्र के हैं। अब इन सभी लोगों को वापस लाने की तैयारी की जा रही है। इन सभी को सड़क मार्ग से वापस लाया जाना है इसके लिए लंबी दूरी तक बसें लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय से विशेष ट्रेन चलाने का भी अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने इन लोगों के लिए एसओपी भी जारी की है।

देश के दूसरे राज्यों से वापस लाए जाने वालों के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि वापसी से पहले इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। उत्तराखंड आने के बाद भी इनका परीक्षण किया जाएगा फिर इन्हें अपने गंतव्यों को भेजा जाएगा। इन्हें 14 दिन के होम क्वारंटाइन पर रखा जाएगा। राज्य व जिला स्तर पर तैनात नोडल अधिकारी किसी आपात स्थिति के मद्देनजर भी इनको दूसरे वाहनों से लाने, उन्हें क्वारंटाइन करने के संबंध में अलग व्यवस्था करेंगे। सीमांत जनपदों में इन यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग, पेयजल व खाने व शौचालय आदि का प्रबंध रखा जाएगा। वापस आने के बाद इन्हें होम क्वारंटाइन करने के बाद भी इनकी लगातार निगरानी की जाएगी।

निजी वाहनों से भी आने की छूट

देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे लोग भी हैं जो अपने निजी वाहनों से दूसरे राज्यों में गए थे और लॉकडाउन के कारण वहीं फंसे गए। इन लोगों को भी अपने निजी वाहनों में वापस आने की अनुमति दी गई है। इसके लिए इन लोगों को प्रदेश सरकार की वेबसाइट https:/dsclservices.in/uttrakhand-migrants-registration.php पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके साथ ही उन्हें इसमें दिए गए एक फार्म को डाउनलोड कर भरना होगा। जो उन्हें बॉर्डर में स्क्रीनिंग के दौरान जमा करना होगा। इन्हें इससे पहले संबंधित जिले के जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। जिसमें अपने गंतव्य जाने की तिथि और अपने मार्ग का विवरण देना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही वे यात्रा कर सकेंगे। उन्हें यात्रा से पहले वाहन को सेनिटाइज करने के साथ ही केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइन का भी अनुपालन करना होगा। यही प्रक्रिया प्रदेश में विभिन्न राज्यों के रूके हुए लोगों के लिए भी होगी।

ग्रीन जोन जिले वालों पर अंतर जनपदीय आवागमन में रोक नहीं

प्रदेश के भीतर अपने गृह जनपदों में जाने के इच्छुक लोगों को जिलाधिकारी बिना किसी देरी के अनुमति देना सुनिश्चित करेंगे। इनके द्वारा जारी अनुमति पत्र सभी जिलों में मान्य होंगे। निजी वाहनों से जाने वालों के लिए भी यही प्रक्रिया रहेगी। जिलों के भीतर कंटेनमेंट जोन की सूची का रोजाना आदान-प्रदान होगा ताकि ऐसे जगहों से लोगों का अन्य जगह आवागमन न हो सके। शासन ने यह स्पष्ट किया है कि ग्रीन जोन में रहने वालों का अन्य राज्यों में कोई रोक नहीं होगी। हालांकि, रेड व ऑरेंज जोन से जाने वालों लोगों को गृह जनपद जाने पर होम क्वारंटाइन किया जाएगा।

29 बसों से 804 लोग पौड़ी और कोटद्वार रवाना

प्रशासन ने दून व आसपास क्षेत्रों में रिलीफ कैंपों में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले दिन महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कॉलेज में स्क्रीनिंग के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम की 29 बसों में शारीरिक दूरी के साथ 804 लोगों को जिला पौड़ी के लिए रवाना किया गया।

नोडल अधिकारी गढ़वाल मंडल व एसपी यातायात प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार लॉकडाउन में फंसे लोगों को उनके गृह जनपदों में वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शनिवार को छह बसों से 176 लोगों को कोटद्वार, जबकि 23 बसों से 628 लोगों को पौड़ी और श्रीनगर भेजा गया।

उन्होंने बताया कि देहरादून से उनके गृह जनपदों में भेजने से पूर्व महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कॉलेज में सबका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी लोगों का पहले थर्मल स्केनर से बुखार और जुकाम की जांच की गई। इसके बाद बसों को सेनिटाइज किया गया और शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए सवारियों को बैठाया गया।

276 उत्तर प्रदेश को रवाना

नोडल अधिकारी ने बताया कि जिले से उत्तर प्रदेश जाने वाले 276 लोगों को रवाना किया गया। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत यह लोग देहरादून जिले के रिलीफ कैंपों में अस्थायी रूप से रह रहे थे। उत्तर प्रदेश राज्य के लोगों को क्वारंटाइन अवधि पूर्ण होने पर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया।

चमोली और कुमाऊं जाएंगी 50 बसें

नोडल अधिकारी प्रकाश चंद्र ने बताया कि रविवार को महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कॉलेज से चमोली और कुमाऊं के लिए 50 बसें रवाना होंगी। इसमें 1000 लोगों को भेजा जाएगा।

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