उत्तराखंड के सभी नौ जिला सहकारी विकास संघों (डीसीडीएफ) में भारतीय जनता पार्टी समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। खास बात यह रही कि इन चुनावों में पहली बार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राज्य के तीन जिला सहकारी विकास संघों में महिला अध्यक्ष निर्विरोध चुनी गईं, जिसे सहकारिता विभाग ने महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी नवनिर्वाचित अध्यक्षों को बधाई देते हुए कहा कि सहकारिता संस्थाओं के चुनाव लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नौ जिला सहकारी विकास संघों में निर्विरोध निर्वाचन सहकारिता संस्थाओं के प्रति सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण को दर्शाता है।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने महिला आरक्षण लागू कर महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सहकारी समितियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि जिला सहकारी विकास संघों के चुनावों के बाद अब जिला सहकारी बैंकों के चुनाव प्रस्तावित हैं। राज्य सरकार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन जिला सहकारी विकास संघों में निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष:
- ऊधमसिंह नगर जिला उपभोक्ता सहकारी संघ, रुद्रपुर से प्रतिभा शाही
- कुमाऊं सहकारी विकास संघ लिमिटेड, अल्मोड़ा से बबीता मेहरा
- चमोली जिला सहकारी विकास संघ, गोपेश्वर से कमला देवी
- जिला बेसिक एवं सहकारी विकास संघ, कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) से रविंद्र सिंह नेगी
- जिला बेसिक एवं सहकारी विकास संघ, मुनिकीरेती (टिहरी गढ़वाल) से सत्येंद्र सिंह पुनेठा
- जिला सहकारी संघ, हरिद्वार से रामवीर सिंह
- तराई विकास सहकारी संघ, रुद्रपुर से गोपाल बोरा
- देहरादून जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड से राहुल गुप्ता
- नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव फेडरेशन, हल्द्वानी से शिव बहादुर सिंह

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