Saturday, March 7, 2026
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चारधाम के कपाट खुले, मगर अधर में व्यवस्थाएं


देहरादून। संवाददाता। कल अक्षय तृतीय के शुभ मुर्हत में चारधाम यात्रा का आगाज होने जा रहा है। मुखवा से आज गाजे बाजे के साथ मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो चुकी है। कल गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही छह माह चलने वाली चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो जायेगी। 9 व 10 मई को केदारधाम व बद्रीनाथ धाम मन्दिरों के कपाट खुल जायेगें। चारधाम यात्रा के शुभारम्भ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है लेकिन यात्रा की तैयारियंा अभी आधी अधूरी पड़ी है जिसके कारण श्रद्धालुओं को कई तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।

गंगोत्रीअ और यमुनोत्री धाम जाने वाले मार्ग पर अभी बर्फ जमी हुई है। बीते वर्ष जुलाई में हुई अतिवृष्टि के कारण यमुनोत्री धाम के जो घाट क्षतिग्रस्त हो गये थे वह अभी तक नहीं बन सके है। ऋषिकेश से लेकर उत्तरकाशी व ज जोशीमठ तक चारधाम आलवेदर रोड निर्माण कार्य के कारण सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है रोड के दोनों तरफ जगह जगह मलबे के ढेर लगे हुए है। यात्रा के दौरान अगर बारिश होती है तो इन सड़कों पर मलबा आने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आल वेदर रोड पर डामरीकरण न होने के कारण भी इन सड़कों पर यातायात आसान नहीं होगा। ऊबड़ खाबड़ रोड और धूल के कारण यात्रियों की यात्रा आसान नहीं होगी।

केदारनाथ मार्ग पर बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग पर बनी रेलिंग टूटी हुई है। मार्ग के दोनों ओर बर्फ के पहाड़ और ग्लेश्यिर यात्रियों को परेशान कर सकते है। केदारनाथ की हैली सेवाएं भी अभी शुरू नहीं हो पायेगी। बर्पफबारी के कारण क्षतिग्रस्त पुल और पुलिया का निर्माण भी नहीं हो पाया है। बद्रीनाथ हाईवे पर चमोली जोन में सौ से अधिक डेंजर जोन बने हुए है। जहंा सड़कों की स्थिति तो ठीक ही नहीं है वहीं भूस्खलन के खतरे भी कदम कदम पर बने हुए है। कड़ी सौंण से चिन्याली सौंण, धरासू से देवीधार, भटवाडी से थिरांगड़, डबरानी से सुक्कीटाप, जानगी चट्टी से रानाचट्टी तथा तपोवन से शिवपुरी व देवप्रयाग से श्रीनगर तक यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भले ही अधिकारी अब पिछले कुछ दिनों से यात्रा की तैयारियों में जुटे नजर आ रहे है लेकिन अभी इस महत्वपूर्ण यात्रा के शुरू होने से पूर्व 50 फीसदी काम भी शुरू नहीं हो सका है। रसद के इंतजाम से लेकर यात्रियों की आवासीय सुविधा व स्वास्थ्य सेवाओं तक अभी तमाम तैयारियां आधी अधूरी पड़ी है जबकि यात्रा शुरू होने में अब दिन नहीं चंद घंटे ही शेष बचे है।

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