Sunday, March 8, 2026
Homeखास खबरचारधाम यात्रा सीजन से सरकार हुई गदगद, टूटे पुराने रिकार्ड

चारधाम यात्रा सीजन से सरकार हुई गदगद, टूटे पुराने रिकार्ड


देहरादून। संवाददाता। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने शुरुआती दौर में खासी तेजी पकड़ ली है। साल 2013 की आपदा के बाद पहली बार चारधाम यात्रा अपने पहले सप्ताह में ही नए कीर्तिमान की ओर बढ़ी है। एक सप्ताह में चारधाम यात्रियों की संख्या 88 हजार को पार कर चुकी है। जबकि इससे पहले शुरुआती सप्ताह में कभी भी इतनी संख्या में यात्री चारधाम यात्रा पर नहीं पहुंचे हैं।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की सबसे बड़ी तीर्थयात्रा के साथ हजारों लोगों की आजीविका और प्रदेश के राजस्व का भी बड़ा स्त्रोत है। वर्ष 2013 में केदार घाटी में आयी आपदा के बाद चारधाम यात्रा पूरी तरह से ठप हो गई थी। वर्ष 2014 में तो आपदा का भय श्रद्धालुओं में इस कदर रहा कि पूरे यात्राकाल में ही अपेक्षा से बेहद कम यात्री चारधाम यात्रा पर पहुंचे। साल 2015 में जाकर चारधाम यात्रा की खामोशी टूटी और इसके साथ ही चारधाम यात्रा पर निर्भर परिवहन और अन्य व्यवसायियों को भी कुछ राहत मिली।

पिछले तीन वर्षों से चारधाम यात्रा कुछ पटरी पर लौटी है। आपदा के बाद यह पहला वर्ष है, जब शुरुआत में ही चारधाम यात्रा ने अच्छी गति पकड़ ली है। अक्षय तृतीया पर सात मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में बढोत्तरी होने लगी है। अब जबकि दो धामों के कपाट खुले एक सप्ताह का समय बीता है, चारधाम यात्रियों की संख्या 88 हजार के आंकड़े को पार गई है।

पिछले वर्षों की बात करें तो वर्ष 2013 की आपदा के बाद वर्ष 2014 में दो मई को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे। इसके एक सप्ताह बाद तक महज 9037 यात्री ही धामों के दर्शन को गए थे। वर्ष 2015 में 21 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के एक सप्ताह बाद यह आंकड़ा 14 हजार 541 था। वर्ष 2016 में नौ मई को गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने के एक सप्ताह बाद 80 हजार 923 यात्री धामों को रवाना हो चुके थे। वहीं वर्ष 2017 में 28 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद 42 हजार 457 यात्री जबकि गत वर्ष यानी 2018 में 18 अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के एक सप्ताह बाद यह संख्या महज सात हजार 706 थी।

वर्ष 2018 में गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट 18 अप्रैल को खुल गए थे। जबकि केदानाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल व बदरीनाथ के कपाट 30 अप्रैल को खुले थे। यही वजह रही कि चारों धामों के कपाट खुलने के बीच करीब ग्यारह दिन का अंतर होने की वजह से वर्ष 2018 में शुरूआती सप्ताह में यात्रा बेहद धीमी रही। जबकि इस वर्ष सात मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद नौ मई को केदारनाथ व 10 मई को बदरीनाथ के कपाट खुले हैं, जिससे शुरुआती दौर में यात्रा ने खासी गति पकड़ ली है। इस एक सप्ताह में ही चारधाम यात्रियों की संख्या 88 हजार 692 तक पहुंच गई है, जो एक नया रिकॉर्ड है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments