देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने महिलाओं की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के आत्मविश्वास और सम्मान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। दशकों से देश इस कानून का इंतजार कर रहा था और 2014 के बाद से केंद्र सरकार की हर योजना और नीति के केंद्र में महिलाएं रही हैं। अब महिलाएं केवल मतदान तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि नीति निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका होगी।
सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम संसद और विधानसभा में महिलाओं की सशक्त आवाज बनेगा। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि अवसर मिलने पर साधारण पृष्ठभूमि की महिलाएं भी बड़े मुकाम तक पहुंच सकती हैं। यह कानून समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की आवाज को मजबूत करेगा और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेगा।
वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश के सभी निर्णयों और नीतियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सीएम धामी ने कहा कि यह कानून महिलाओं को सशक्त बनाकर देश के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत करेगा।

