उत्तराखंड में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में विधानसभा के निकट विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध जताया।
धरने को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण बिल के समर्थन में रही है और आगे भी मजबूती से इसके पक्ष में खड़ी रहेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द सुलझाकर तत्काल संसद का सत्र बुलाया जाए और महिला आरक्षण विधेयक पारित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की मांग है कि 2027 से विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में वर्तमान सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
हरीश रावत ने सत्तारूढ़ दल पर आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसे अनावश्यक रूप से उलझा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो लोकसभा की 543 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित घोषित की जानी चाहिए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की थी, जिसके चलते आज देश में बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं।
कांग्रेस ने साफ किया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई जाएगी।

