लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित हो गया है। प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा आने से 99 सड़कें बंद हैं, जबकि कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक असर सीमांत पिथौरागढ़ जिले में देखने को मिल रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पिथौरागढ़ में धारचूला-तवाघाट और न्यू सबेला-तिदांग (बीआरओ एनएच) मार्ग सहित 23 सड़कें बंद हैं, जिनमें 21 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में एक, बागेश्वर में दो, चमोली में नौ, चंपावत में 14, देहरादून में 13, नैनीताल में तीन, पौड़ी में सात, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में सात और उत्तरकाशी में 11 सड़कें बंद हैं।
बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार दोपहर तीन बजे तक पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर 888.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका खतरे का निशान 890 मीटर है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी खतरे के करीब पहुंच गया है। वहीं हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर 291.55 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

