Sunday, March 8, 2026
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ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा आज, करेंगे इन सफेद चीजों का दान तो बरसेगी लक्ष्‍मी नारायण की कृपा

देहरादून : आज 14 जून 2022, मंगलवार को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा है। आज पड़ रहे विशेष संयोग इस दिन का महत्व बढ़ा रहे हैं। ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा को वट सावित्री पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। आज स्नान व दान करना शुभ माना जाता है।

चंद्रमा की पूजा करने से मिलती है चंद्रदोष से मुक्ति

मान्यता है कि पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके साथ ही चंद्रमा की पूजा करने से चंद्रदोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन घर पर पानी में गंगा जल मिलाकर स्‍नान करने से गंगा स्‍नान करने जैसा पुण्‍य प्राप्‍त होता है।

इन सफेद चीजों का करना चाहिए दान

आचार्य सुशांत राज के मुताबिक ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा पर सफेद चीजों का दान करना चाहिए। मान्‍यता है कि इससे लक्ष्‍मीनारायण की कृपा आप पर बनी रहेगी। इस दिन दूध, दही, बताशे, चावल, चीनी, खीर, चांदी और सफेद मोती दान करना चाहिए।

शुभ मुहूर्त

  • पूर्णिमा तिथि 13 जून, सोमवार को रात 09 बजकर 02 मिनट से प्रारंभ
  • 14 जून, मंगलवार को शाम 05 बजकर 21 मिनट पर समाप्त
  • चंद्रोदय का समय रात 07 बजकर 29 मिनट

खास संयोग

पूर्णिमा पर आज साल का आखिरी बड़ा मंगल भी है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन स्नान व दान करने सभी पाप खत्म हो जाते हैं और धन संबंधी परेशानियां भी हल होती हैं।

पूजन विधि

  • पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान कर साफ वस्‍त्र धारण करें।
  • पीपल पर जल चढ़ाएं और पूजन करें। पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मांगे। 
  • आज चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं का दान करें।
  • जरूरतमंद को सफेद वस्त्र, शक्कर, दही, चांदी, सफेद फूल या मोती आदि का दान करें।
  • मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

डिसक्लेमर ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

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