Sunday, March 8, 2026
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बदरीनाथ धाम में अतिक्रमण करने पर सात लोगों को नोटिस, हटाने के लिए सात दिन का समय

बदरीनाथ धाम में नगर पंचायत कार्यालय के समीप कुछ लोगों की ओर से अतिक्रमण किया जा रहा है। नगर पंचायत बदरीनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए सात लोगों को नोटिस भेजा है। कहा गया यदि सात दिनों में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन खुद अतिक्रमण तुड़वा देगा।बदरीनाथ धाम को केदारनाथ की तर्ज पर मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे राजस्व टीम की ओर से चिह्नित कई सरकारी व गैर सरकारी भवनों को ध्वस्त किया जाना है। राजस्व टीम ने जब नगर पंचायत कार्यालय के समीप का जायजा लिया तो यहां अतिक्रमण का पता चला।

बदरीनाथ नगर पंचायत के ईओ सुनील पुरोहित ने बताया कि नगर पंचायत कार्यालय के समीप मई महीने में अतिक्रमण किया गया था, जिसे नगर पंचायत प्रशासन ने हटवा दिया था।

अब फिर इन लोगों की ओर से यहां अतिक्रमण की कोशिश की जा रही है। मामले में सात लोगों को नोटिस भेजे हैं। इधर, एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी का कहना है कि यदि नोटिस के तहत निर्धारित तिथि तक लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो प्रशासन उसे तुड़वा देगा।

फिर किया जा रहा अतिक्रमण
देश के अंतिम गांव माणा के भीम पुल के आसपास भी प्रशासन की टीम ने गत वर्ष अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया था। अब फिर से यहां अतिक्रमण किया जा रहा है। वहीं बदरीनाथ धाम में माणा रोड के निचले हिस्से में कई लोगों की ओर से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।

ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक मुख्यालयों पर जड़े ताले
ग्राम प्रधान संगठन ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये देने का आदेश वापस लेने के साथ ही 12 सूत्री मांगों को लेकर विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया और धरना दिया। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी और दशोली ब्लॉक में प्रधान संगठन के अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन भेजा।

ग्राम प्रधानों ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने 13वें वित्त में हो रही कटौती पर शीघ्र रोक लगाने, 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू कर 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम प्रधानों को 10000 रुपये मानदेय देने, मनरेगा के कार्य दिवस 100 से बढ़ाकर 200 दिन करने, ग्राम विकास विभाग व ग्राम पंचायत विभाग का एकीकरण करने सहित विभिन्न मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

 

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