हल्द्वानी। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक आज हल्द्वानी में शुरू हो रही है। बैठक की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत सरकार के मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, सभी जिलों के अध्यक्ष-महामंत्री और मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने ध्वजारोहण किया।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोपहर 2:20 बजे नितिन नवीन के स्वागत के लिए पंतनगर एयरपोर्ट जाएंगे। इसके बाद दोपहर 3:10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, शाम 5 बजे प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक और शाम 7 बजे कोर कमेटी की बैठक आयोजित होगी।
2027 के लिए नेताओं का रिपोर्ट कार्ड होगा तैयार
भाजपा की यह बैठक महज संगठनात्मक औपचारिकता नहीं मानी जा रही है। 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही पार्टी इस बैठक के जरिए मौजूदा मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का जमीनी आकलन कर सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में जिलों के पदाधिकारियों, मोर्चों और केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व से मिलने वाले फीडबैक को खासा अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर केवल सर्वे या जीत-हार का आंकड़ा ही आधार नहीं होगा, बल्कि संगठन की जमीनी रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विधायकों की क्षेत्र में सक्रियता, जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद, बूथ समितियों की सक्रियता, मंडल स्तर पर संगठन की स्थिति और सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचने जैसे बिंदुओं पर फीडबैक लिया जा सकता है।
विधायक के साथ संगठन की भी होगी समीक्षा
पार्टी की समीक्षा दो स्तरों पर होने की संभावना है। पहला फोकस मंत्रियों और विधायकों पर रहेगा। उनकी क्षेत्र में सक्रियता, जनता से संपर्क, कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल और स्थानीय स्तर पर छवि को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। सरकार के प्रति नाराजगी कम होने के बावजूद यदि किसी विधायक को लेकर जनता या कार्यकर्ताओं में असंतोष सामने आता है, तो इसे पार्टी के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा सकता है।
दूसरी ओर संगठन की स्थिति का भी आकलन होगा। इसमें बूथ प्रबंधन, कमजोर बूथों की पहचान, मंडल स्तर पर गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।
कमजोर रिपोर्ट वाले चेहरों पर बढ़ सकता है दबाव
यही वजह है कि हल्द्वानी में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति को 2027 के टिकट के दावेदारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। जिन मौजूदा चेहरों की रिपोर्ट मजबूत होगी, पार्टी उन पर दोबारा भरोसा जता सकती है। वहीं कमजोर रिपोर्ट वाले मंत्रियों और विधायकों की सीटों पर नए चेहरों, जातीय-सामाजिक समीकरण और संगठन से जुड़े नामों पर मंथन की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर टिकट में बदलाव को लेकर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में होने वाला यह महामंथन 2027 के चुनावी रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

