पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार सुबह से शाम चार बजे तक लगातार मूसलधार बारिश होती रही। भारी वर्षा के चलते जिले के कई हिस्सों में आपदा जैसे हालात बन गए हैं। मुनस्यारी क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं। थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग बंद होने से मुनस्यारी तहसील का संपर्क प्रभावित हो गया है।
ला-झेकला में फिर हुआ भारी भूस्खलन
गुरुवार रात से जारी बारिश के बीच थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग के ला-झेकला क्षेत्र में जबरदस्त भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए, जिससे मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।
ला-झेकला क्षेत्र में 7 अगस्त 2009 को भी भीषण भूस्खलन हुआ था। उस हादसे में मलबे में दबने से 44 लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में दोबारा हुए भूस्खलन के बाद क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी-नाले उफान पर, जान जोखिम में डालकर आवाजाही
भारी बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी-नाले उफान पर हैं। थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में भारी भूस्खलन के साथ नाला भी उफान पर है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते नजर आए। ला-झेकला में बला नाले का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे मार्ग बंद है।
जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग भी घिघरानी से आगे कई स्थानों पर बाधित हो गया है। वहीं टनकपुर-तवाघाट हाईवे कूलागाड़ और एलागाड़ के पास तथा तवाघाट-लिपुलेख मार्ग भी रात से बंद है। सड़क संपर्क बाधित होने से मुनस्यारी तहसील के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र का संपर्क भी कट गया है। जिले के 100 से अधिक गांवों का अपने तहसील मुख्यालयों से संपर्क प्रभावित हुआ है।
काली-गोरी नदी का जलस्तर बढ़ा, पुलिस ने जारी की अपील
लगातार बारिश के कारण काली और गोरी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए जौलजीबी पुलिस अलर्ट मोड पर है। अपर उपनिरीक्षक महेश पंत ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
पुलिस ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों से दूर रखने तथा अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने को कहा है। पुलिस के अनुसार लगातार बारिश के चलते काली-गोरी नदियों और स्थानीय गधेरों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार जारी बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।

