पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के युवाओं के लिए पहाड़ों की प्राकृतिक चुनौतियां अब रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खोलेंगी। पर्यटन विभाग ने स्थानीय युवाओं को साहसिक पर्यटन से जोड़ने के लिए विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत युवाओं को राफ्टिंग, हिमालयी ग्लेशियर ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग, स्नो स्कीइंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों में दक्ष बनाया जाएगा।
जिला योजना 2026-27 के तहत शुरू की जा रही इस पहल में प्रत्येक साहसिक गतिविधि के लिए जिले के 30 युवाओं को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण देकर साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को धारचूला के जौलजीबी में काली नदी से होगी। यहां युवाओं को राफ्टिंग गतिविधि में शामिल कराया जाएगा। इसके बाद आगामी महीनों में अन्य साहसिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्यटन विभाग का प्रयास है कि जिले की प्राकृतिक संपदा और भौगोलिक परिस्थितियों को स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने का माध्यम बनाया जाए।
गाइड और प्रशिक्षक बनने का मिलेगा अवसर
साहसिक पर्यटन में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा भविष्य में गाइड, प्रशिक्षक और पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं तलाश सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के नए विकल्प मिलेंगे।
पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है पिथौरागढ़
पिथौरागढ़ अपनी ऊंची पर्वत शृंखलाओं, हिमालयी ग्लेशियरों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां राफ्टिंग, ट्रैकिंग, बर्ड वाचिंग, स्नो स्कीइंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन विभाग की इस पहल से जिले में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं को पर्यटन कारोबार से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
उप निदेशक पर्यटन पिथौरागढ़ अतुल भंडारी ने बताया कि साहसिक गतिविधियों में प्रतिभाग करने के इच्छुक युवा जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। विभाग की ओर से अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

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