Sunday, March 8, 2026
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पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवादी सोच वालों को मारा जा रहा हैः आरएसएस

संघ प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत


भुवनेश्वर। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं को लेकर कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य में उन लोगों की हत्या की जा रही है जो राष्ट्रवादी सोच रखते हैं। संघ के सह सर कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ट्रिपल मर्डर केस पर एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
आरएसएस ने दावा किया था कि मारे गए अध्यापक बंधु प्रकाश पाल संगठन का समर्थक था, वही मृतक के परिवार का कहना है कि उसका किसी भी राजनीतिक पार्टी या संगठन से कोई जुड़ाव नहीं था।

वैद्य भुवनेश्वर में बुधवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल में बोल रहे थे। पहली बार ओडिशा में आयोजित होने के नाते, इस कार्यक्रम में देश भर के 350 प्रमुख आरएसएस पदाधिकारियों शामिल रहे, जिसमें संगठन भैयाजी जोशी भी शामिल हुए।

वैद्य ने कहा कि संगठनात्मक गतिविधियों, आरएसएस के विस्तार और विकास के लिए योजनाओं और कार्याकारों के प्रशिक्षण की बैठक में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मार्च में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की समीक्षा है।

पश्चिम बंगाल में हुए 35 वर्षीय पाल, उसकी पत्नी और आठ वर्षीय बेटे की हत्या ने राज्य में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने उत्पल बेहरा को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है, जो पेशे से राजमिस्त्री है। पुलिस ने कहा कि हत्या बीमा पॉलिसी को लेकर पाल और बेहरा के बीच झगड़े का नतीजा थी।

अयोध्या मुद्दे पर बोलते हुए, वैद्य ने कहा कि राम मंदिर एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए विश्वास का विषय है।

अनुच्छेद 370 के हटाने पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह एक अस्थायी प्रावधान था और केंद्र सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला किया क्योंकि इस मुद्दे पर एक राष्ट्रीय सहमति थी। उन्होंने कहा कि हालांकि इसे हटाने को लेकर पहले सहमति बनी थी, लेकिन किसी भी सरकार ने इस संबंध ने कोई कदम नहीं उठाया।

वैद्य ने कहा कि आरएसएस की शाखाएं ‘जाति बाधा’ और ’लोगों के साथ सद्भाव बनाने’ में अहम भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विकास पर, वैद्य ने कहा कि वर्तमान में 57,411 दैनिक शाखाएं और 18,923 साप्ताहिक मंडलियां आयोजित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि 2010 और 2014 के बीच कुछ 6,000 नए शाखा बन चुके हैं। वैद्य ने कहा कि 2018 की तुलना में इस साल 1,500 शाखाओं की वृद्धि हुई है।

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