Thursday, May 7, 2026
Homeटिहरीटिहरी में पीएम मोदी के दौरे की तैयारी तेज, 1000 मेगावाट पीएसपी...

टिहरी में पीएम मोदी के दौरे की तैयारी तेज, 1000 मेगावाट पीएसपी परियोजना का करेंगे लोकार्पण

नई टिहरी। टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi इस माह के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी दौरे पर आ सकते हैं। प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और टीएचडीसी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। टिहरी झील किनारे कोटीकॉलोनी में प्रधानमंत्री की जनसभा प्रस्तावित मानी जा रही है, जिससे प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पीएसपी परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। साथ ही टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने की भी संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा बांध प्रभावितों के पुनर्वास, रायल्टी, रिंग रोड परियोजना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे भी दौरे के केंद्र में रह सकते हैं।

बताया जा रहा है कि पीएसपी परियोजना का लोकार्पण पहले 14 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम स्थगित हो गया था। उसी दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं टिहरी आने की इच्छा जताई थी। इस बीच विधायक Kishore Upadhyay ने देहरादून में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का न्योता दिया। विधायक का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे से बांध प्रभावितों की समस्याओं के समाधान, रायल्टी विवाद और मेडिकल कॉलेज निर्माण को नई गति मिल सकती है।

टिहरी बांध पहले से 1000 मेगावाट और कोटेश्वर बांध 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। अब पीएसपी परियोजना के जुड़ने से कुल उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट तक पहुंच गई है। लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना मानी जा रही है, जो मांग के अनुसार बिजली उत्पादन नियंत्रित करने में सक्षम होगी।

2400 मेगावाट बिजली के पीछे डूबी हैं हजारों लोगों की यादें

टिहरी बांध देश की सबसे महत्वपूर्ण जल विद्युत परियोजनाओं में शामिल है, जो नौ राज्यों को बिजली उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी भी इसी परियोजना से मिल रहा है। हालांकि इस विकास के पीछे विस्थापन और संघर्ष की लंबी कहानी भी जुड़ी हुई है।

टिहरी बांध निर्माण के लिए पुरानी टिहरी शहर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। 37 गांव झील में समा गए, जबकि 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए। हजारों परिवारों को नई टिहरी, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में पुनर्वासित किया गया। आज भी कई बांध प्रभावित परिवार पुनर्वास, मुआवजे और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

Previous article
Next article
यमकेश्वर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गुरुवार को अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंच सकते हैं। यहां सीएम योगी के नव निर्मित मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, सीएम योगी के दौरे को लेकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। लेकिन सीएम योगी के आने की संभावना के चलते पुलिस व प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की स्थापना दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ के गांव पंचूर में हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की स्थापना की गई है। मंदिर परिसर में चार से आठ मई तक प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा है। इस समारोह में का कल शुक्रवार को समापन होगा। संभावना है कि आज शाम उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पैतृक गांव पंचूर पहुंच सकते हैं। बता दें कि योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव पंचूर उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में स्थित है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके गांव और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक बढ़ी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
video
play-sharp-fill

Most Popular

Recent Comments