उत्तरकाशी। मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पीक सीजन में जहां दोनों धामों में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यात्रियों की संख्या घटकर महज एक से डेढ़ हजार प्रतिदिन रह गई है। वर्तमान में दोनों धामों की यात्रा लगभग न के बराबर चल रही है।
इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। शुरुआती दौर में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी, लेकिन जून माह से यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जाने लगी।
पीक सीजन में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के मुकाबले जून में यह संख्या घटकर पांच से सात हजार प्रतिदिन रह गई। जुलाई में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ यात्रा पर और अधिक असर पड़ा है। वर्तमान में दोनों धामों में प्रतिदिन केवल एक से डेढ़ हजार श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं, जिससे प्रमुख यात्रा पड़ावों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
बरसात के दौरान लगातार हो रहे भूस्खलन और सड़कों के बाधित रहने से श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कांवड़ यात्रा सीजन नजदीक आने के कारण भी चारधाम यात्रा का दबाव कम हो गया है।
हालांकि, इस वर्ष अब तक गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 13,20,163 श्रद्धालु मां गंगा और मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं।
जुलाई में लगातार घटती रही श्रद्धालुओं की संख्या
| तारीख | यमुनोत्री पहुंचे श्रद्धालु | गंगोत्री पहुंचे श्रद्धालु |
|---|---|---|
| 1 जुलाई | 2,043 | 2,116 |
| 2 जुलाई | 1,711 | 2,105 |
| 3 जुलाई | 1,475 | 2,010 |
| 4 जुलाई | 1,620 | 1,814 |
| 5 जुलाई | 1,520 | 1,447 |
| 6 जुलाई | 1,039 | 1,764 |
| 7 जुलाई | 1,105 | 1,174 |
आंकड़े बताते हैं कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ दोनों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

