गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र का बुधवार को दूसरा दिन है। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में कार्यवाही के लिए मंत्री, विधायक और विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंच चुके हैं। सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा। इसके साथ ही पहले दिन पेश किए गए नौ विधेयकों को पारित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। वहीं, खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे की घोषणा ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
7,400 करोड़ के अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन में अनुदान संख्या एक से 31 तक की अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। इसके बाद उत्तराखंड विनियोग (2026-27 अनुपूरक) विधेयक, 2026 को सदन में प्रस्तुत करने, उस पर विचार करने और पारित करने से संबंधित कार्यवाही होगी।
पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में 7,400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। सरकार का ध्यान बजट को पारित कराने के साथ ही विधायी कार्यों को पूरा करने पर रहेगा।
नौ विधेयकों पर आगे बढ़ेगी कार्यवाही
विधानसभा सत्र के पहले दिन विभिन्न विभागों से संबंधित विधेयक और अध्यादेश सदन के पटल पर रखे गए। इनमें उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन, सिंचाई जल निकासी, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन, निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास और विनियमन संशोधन तथा जन विश्वास उपबंधों के संशोधन से जुड़े विधेयक शामिल हैं।
इसके अलावा अल्पसंख्यक शिक्षा, शिक्षा अधिनियम संशोधन, सिविल विधि संशोधन, अग्निशमन एवं आपात सेवा और निजी विश्वविद्यालय संशोधन से संबंधित विधेयक भी सदन में पेश किए गए। दूसरे दिन इन पर विचार और पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़नी है। विभिन्न आयोगों और विभागों की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन में रखी गई हैं।
उमेश कुमार ने किया इस्तीफे का ऐलान
खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने सदन से इस्तीफा देने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर विपक्ष से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
उमेश कुमार ने हरिद्वार जिले में किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए इकबालपुर शुगर मिल पर 118 करोड़ रुपये के भुगतान बकाया होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा में किसानों की फसलें बर्बाद हुईं, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली। उन्होंने किसानों के बकाया भुगतान, बिजली बिल और किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
उन्होंने कहा कि अगली बार वह कुछ अन्य लोगों के साथ सदन में पहुंचने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न भाजपा में जाएंगे और न कांग्रेस में। उनकी पत्नी ने हाल ही में जन निर्माण पार्टी बनाई है। ऐसे में आगामी चुनाव में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस्तीफे की घोषणा और उसके औपचारिक रूप से स्वीकार होने की स्थिति अलग-अलग होती है।
गैरसैंण में एक साल में पहली बार दो विधानसभा सत्र
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में वर्ष 2026 में अब तक दो विधानसभा सत्र आयोजित किए गए हैं। इससे पहले मार्च में यहां बजट सत्र हुआ था, जबकि अक्टूबर में दो दिवसीय सत्र आयोजित किया जा रहा है।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद यहां समय-समय पर सदन की कार्यवाही होती रही, लेकिन पहली बार एक ही वर्ष में दो सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र कराने को प्राथमिकता दी है।
बुधवार को सदन के भीतर अनुपूरक बजट और विधेयकों पर होने वाली कार्यवाही के साथ ही बाहर विपक्ष का धरना और उमेश कुमार के इस्तीफे का ऐलान सत्र के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम बने हुए हैं।

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