चमोली। बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच में जुटी पुलिस की एसआईटी ने मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। राजेंद्र चौहान 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे। शुक्रवार को करीब चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद एसआईटी ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी को शनिवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस जांच के दौरान 22 जून और 25 जून की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से परीक्षण किया गया। जांच में 22 जून की रिकॉर्डिंग में भी कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस इन गतिविधियों में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल में जुटी हुई है। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लगातार खंगाली जा रही है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में कुछ अन्य लोगों की गतिविधियां भी संदिग्ध दिखाई दी हैं, जिनके संबंध में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने मंदिर के सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि डीवीआर में मौजूद रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कराई जाएगी और इसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

