Thursday, July 16, 2026
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उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी विस्तार पर जोर, सभी जिला मुख्यालयों को देहरादून से जोड़ने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को तेजी से विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को हेलिपोर्ट और हेलीपैड नेटवर्क से सैचुरेट करना समय की जरूरत है और यह पर्वतीय राज्य के लिए लाइफलाइन साबित होगा।

मुख्य सचिव ने देहरादून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ने पर जोर देते हुए अधिकारियों से इसकी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही उन्होंने पौड़ी जिले को नियमित हवाई सेवा से जोड़ने और प्रमुख पर्यटन स्थल लैंसडाउन के लिए हवाई कनेक्टिविटी की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रदेश में पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए अपना पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने ऊधमसिंह नगर स्थित पराग फार्म में एविएशन अकादमी स्थापित करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में जल्द एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। उन्होंने बताया कि एटीसी स्थापना के लिए सिविल कार्य राज्य सरकार द्वारा तथा मैनपावर एवं तकनीकी सहायता एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में बढ़ रही हवाई सेवाओं को देखते हुए सुरक्षित उड़ान संचालन के लिए राज्यभर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने युकाडा को प्रदेश में एटीसी सैचुरेशन का लक्ष्य देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने हवाई यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और पीटीजेड कैमरे स्थापित करने पर भी जोर दिया तथा इस संबंध में भारत मौसम विज्ञान विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा।

मुख्य सचिव ने दूर-दराज और कम सेवायुक्त क्षेत्रों में मजबूत हवाई कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए प्रदेशभर में हेलिपोर्ट और हेलीपैड स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने गुंजी और आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए एयर स्ट्रिप अथवा हेलीपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के साथ ही कुमाऊं क्षेत्र के लिए व्यापक हवाई कनेक्टिविटी योजना तैयार की जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत प्रदेश के सभी जनपदों के लिए नए हवाई मार्ग प्रस्तावित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

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