Saturday, April 25, 2026
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बिना सीट 700 से अधिक छात्र-छात्राओं की करा दी परीक्षा

उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध हरिद्वार और देहरादून जिले के 14 प्राइवेट कॉलेजों ने तय सीमा से 700 अधिक सीटों पर पहले एडमिशन किए और अवैध तरीके से छात्र-छात्राओं की परीक्षा करा दी। मामला संज्ञान में आने पर विश्वविद्यालय की ओर से इन छात्रों का रिजल्ट रोक दिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री डा.धन सिंह रावत ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। प्रकरण में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने उससे संबद्ध देहरादून और हरिद्वार जिले के प्राइवेट कॉलेजों के लिए बीए प्रथम वर्ष, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष की सीटें स्वीकृत की गई थी। नियमानुसार तय सीटों पर ही छात्र-छात्राओं के एडमिशन होने थे, लेकिन आरोप है कि इन कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय के कुछ लोगों की मिलीभगत से निजी महाविद्यालयों में न सिर्फ तय से अधिक सीटों पर एडमिशन कर दिए गए बल्कि पिछले साल अगस्त से सितंबर तक इन छात्र-छात्राओं की परीक्षा भी करा दी गई। मामला विश्वविद्यालय के संज्ञान में आने पर विश्वविद्यालय की ओर से अब इन छात्र-छात्राओं का रिजल्ट रोक दिया गया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डा.पीपी ध्यानी के मुताबिक प्राइवेट काॅलेज स्वीकृत सीटों से अधिक पर बच्चों के एडमिशन नहीं दे सकते। 14 दिसंबर 2016 के शासनादेश में भी स्पष्ट किया गया है कि तय से अधिक सीटों पर एडमिशन नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद कुछ कॉलेज विश्वविद्यालय की छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित कॉलेजों का जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कॉलेजों के खिलाफ संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में पूर्व में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है। जब एक नर्सिंग कॉलेज ने स्वीकृत से अधिक सीट पर एडमिशन दे दिया था।

दो देहरादून और 12 हरिद्वार जिले के हैं प्राइवेट कॉलेज
जिन प्राइवेट कॉलेजों में तय से अधिक सीटों पर एडमिशन दिए गए उसमें दो कॉलेज देहरादून एवं 12 कॉलेज हरिद्वार जिले के बताए गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने विभागीय मंत्री डा.धन सिंह रावत के साथ ही कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरादंन से मिलकर छात्रों का रिजल्ट जारी करने की मांग की है।

विश्वविद्यालय पर यह भी है आरोप
श्रीदेवसुमन विश्वविद्यालय पर यह भी आरोप है कि वर्ष 2019-20 में पहले सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया और फिर वार्षिक पद्वति को लागू कर दिया गया। जिससे छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

रिजल्ट जारी करने के लिए विश्वविद्यालय पर दबाव
हरिद्वार और देहरादून जिले के प्राइवेट कॉलेजों में तय से अधिक सीटों पर परीक्षा कराए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय पर उच्च स्तर से इन छात्रों का रिजल्ट घोषित करने का दबाव बनाया जा रहा है।

जिन कॉलेजों ने तय से अधिक सीटों पर एडमिशन दिए और परीक्षाएं कराई उनसे जवाब मांगा गया है। रही बात सेमेस्टर सिस्टम और फिर वार्षिक पद्धति को लागू करने की, शासन के आदेश पर ही ऐसा किया गया है।
– डा.पीपी ध्यानी कुलपति श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय

 

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