परेड ग्राउंड स्थित पेयजल विभाग की पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने Jyoti Rautela समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई 11 से 13 मई के बीच हुए घटनाक्रम के आधार पर कोतवाली डालनवाला में की गई।
पुलिस के अनुसार 11 मई को ज्योति रौतेला और नर्सिंग बेरोजगार संगठन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। काफी समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नीचे नहीं उतरे और लगातार प्रशासन पर दबाव बनाते रहे। इस दौरान टंकी के नीचे समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ानी पड़ी।
बताया गया कि 12 मई को प्रदर्शन के दौरान ज्योति रौतेला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की धमकी दी और माचिस निकाल ली। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया। वहीं नर्सिंग एकता मंच और अन्य संगठनों के सदस्यों ने सड़क जाम कर यातायात बाधित किया, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता के बाद सड़क खुलवाई गई।
प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों की मांगों का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद 13 मई को ज्योति रौतेला अपने चार साथियों के साथ पानी की टंकी से नीचे उतर गईं। मामले में पुलिस ने ज्योति रौतेला और अन्य सहयोगियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और पेट्रोलियम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

