देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद देहरादून स्मार्ट सिटी की इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में बड़ा बदलाव किया गया है। अदालत की आपत्ति के बाद अब स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित इलेक्ट्रिक बसें केवल निर्धारित रूट पर ही चल सकेंगी।
हाईकोर्ट में लंबित एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह मामला सामने आया कि वर्ष 2019 के समझौते में तय रूट के बजाय इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अन्य मार्गों पर भी किया जा रहा है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि स्मार्ट सिटी की बैटरी चालित बसों का संचालन केवल शेड्यूल-जे में निर्धारित मार्गों पर ही किया जाए।
एसटीए ने तत्काल प्रभाव से देहरादून-विकासनगर-डाकपत्थर और उससे जुड़े अंतरराज्यीय मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर रोक लगा दी है। अब ये बसें केवल सुद्धोवाला-प्रेमनगर-घंटाघर-रायपुर रूट पर ही संचालित होंगी।
दरअसल, राम कुमार सैनी द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड वर्ष 2019 के समझौते में निर्धारित रूटों के विपरीत अन्य मार्गों पर भी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रही है, जो समझौते का उल्लंघन है। मामले में हाईकोर्ट ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है और अगली सुनवाई की तिथि भी तय कर दी है।
एसटीए ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले को देखते हुए शेड्यूल-जे का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि निर्धारित मार्ग के अलावा किसी अन्य रूट पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पाया गया तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। इससे फिलहाल विकासनगर-डाकपत्थर रूट पर चल रही इलेक्ट्रिक बस सेवाएं प्रभावित होंगी।

