देहरादून। उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने और पर्यटन इकाइयों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यटन सचिव एवं उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल ने सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारियों को पंजीकरण और नवीनीकरण से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था के तहत होम स्टे, होटल, रिसार्ट, हेल्थ स्पा, गेस्ट हाउस, आश्रम, धर्मशाला और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों के साथ ट्रेवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर, साहसिक पर्यटन तथा मनोरंजन से जुड़ी इकाइयों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।
180 दिनों में पंजीकरण जरूरी
नियमावली जारी होने की तिथि से अपंजीकृत या जिन पर्यटन इकाइयों का पूर्व पंजीकरण समाप्त हो चुका है, उन्हें 180 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। वहीं, पांच वर्ष पूरे कर चुकी पंजीकृत पर्यटन इकाइयों और दो वर्ष पूरे कर चुके होमस्टे संचालकों को 90 दिनों के भीतर नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
विभाग ने ऑनलाइन प्रोविजनल प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था को भी आसान बनाया है। आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्रमाण-पत्र ऑनलाइन स्वत: जनरेट हो सकेगा। इससे पंजीकरण प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
होमस्टे संचालकों को जीएसटी में राहत
अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि होमस्टे संचालकों को जीएसटी की अनिवार्यता से भी छूट दी गई है। इसके लिए संचालकों को 100 रुपये के नोटरीकृत स्टांप पर शपथ-पत्र देना होगा।
उन्होंने बताया कि पर्यटन इकाइयों के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए आवेदन विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। विभाग का मानना है कि प्रक्रिया के सरलीकरण से पर्यटन कारोबारियों को राहत मिलेगी और प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी।

