ऋषिकेश। तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। गंगा का जलस्तर 338.80 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी रेखा से महज 0.7 सेमी नीचे रहा। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चंद्रभागा और मायाकुंड जैसी निचली बस्तियों में अलर्ट जारी कर दिया है।
गंगा के तटीय क्षेत्रों और स्नान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों को 24 घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से उफनती गंगा तथा अन्य नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सख्त अपील की है।
शहर में जगह-जगह जलभराव
लगातार बारिश के कारण शहर के आंतरिक मार्गों पर जगह-जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पहाड़ी मार्गों पर लगातार मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग की ओर से आगामी घंटों में भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हालांकि, दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप दिखाई देने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, कारोबार प्रभावित
लगातार बारिश का सीधा असर तीर्थनगरी के कारोबार पर भी पड़ा है। मुख्य बाजारों में दुकानों के शटर खुले रहे, लेकिन खरीदारों की आवाजाही बेहद कम रही। इसके चलते बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
व्यापारी पवन शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। इसका असर क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक स्थलों, कपड़ा बाजारों और दैनिक जरूरत के सामान की दुकानों पर साफ दिखाई दे रहा है।
दिनभर ग्राहक नहीं पहुंचने से कई दुकानदारों को बोहनी तक के लिए इंतजार करना पड़ा। व्यापारियों के अनुसार, बारिश के कारण लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि मौसम का रुख इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार को और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

