
बृहस्पतिवार को कट ऑफ डेट का फैसला आने के बाद पंचायत चुनाव का मामला तेजी से गरमा गया। इससे पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक दो से अधिक संतान वाले हजारों लोगों को चुनाव में भाग लेने का मौका मिलने की उम्मीद बन गई। ऐसे कई लोगों की ओर से शुक्रवार को नामांकन कराने की तैयारी भी शुरू कर दी गई। वहीं, शाम तक तस्वीर का रुख कुछ हद तक तब बदल गया जब पंचायत मंत्री अरविंद पांडे ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह दी। मंत्री का तर्क था कि यह कानून बहुत सोच समझकर जनसंख्या नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। उधर, शासन भी इस मामले को लेकर चुप्पी साधे रहा। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कोई नया दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया। आयोग के सूत्रों के मुताबिक दिशा निर्देश जारी न होने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। इतना जरूर है कि नामांकन पत्र शुक्रवार को खरीदे जा सकते हैं और दो से अधिक संतान के नियम से प्रभावित न होने वाले नामांकन करा ही सकते हैं। उधर, जन पंचायत संगठन ने हाईकोर्ट के फैसले को अपनी जीत बताया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

