देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए पहली बार ट्रेकिंग रूटों की मैपिंग कराई जाएगी। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। मैपिंग के जरिए ट्रेकिंग रूटों की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी और ट्रेकर्स की लोकेशन का भी पता लगाया जा सकेगा।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्रदेश में 250 से अधिक ट्रेकिंग रूट मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 83 रूटों पर ही पर्वतारोहण और ट्रेकिंग की अनुमति है। अब विभाग पहली बार हिमालयी क्षेत्रों के ट्रेकिंग रूटों की डिजिटल मैपिंग कराएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले साहसिक पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि कई बार ट्रेकिंग के दौरान हादसे होने पर ट्रेकर्स का पता लगाने में काफी दिक्कतें आती हैं। मैपिंग होने के बाद ट्रेकिंग दल की लोकेशन आसानी से ट्रैक की जा सकेगी, जिससे राहत और बचाव कार्य में तेजी आएगी। यह पहल पर्वतारोहियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रदेश सरकार बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साहसिक पर्यटन पर विशेष फोकस कर रही है। इसी कड़ी में ट्रेकिंग रूटों के आसपास स्थित गांवों में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए अनुदान राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

