रुद्रपुर। छह दिन से बरेली के अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे अभिषेक वाल्मीकि की ऋषिकेश एम्स ले जाते समय मौत हो गई। अभिषेक की मौत की खबर मिलते ही स्वजन में कोहराम मच गया। घटना के बाद रुद्रपुर में तनाव को देखते हुए तीसरे दिन भी पुलिस और पीएसी तैनात रही। कोतवाली क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और जिलेभर से पुलिस बल बुलाया गया है।
स्कूटी में टक्कर के बाद मारपीट का आरोप
बताया गया कि शुक्रवार रात गांधी कॉलोनी निवासी अभिषेक वाल्मीकि अपने दोस्त जतिन के साथ स्कूटी से काशीपुर फ्लाईओवर की ओर जा रहा था। आरोप है कि इस दौरान एक स्कार्पियो ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन सवार शन्नी चुघ ने लोहे की रॉड से दोनों पर हमला किया।
आरोप है कि कुछ देर बाद शन्नी का भाई और भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ 10 से 12 साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। आरोप है कि वहां घायल अभिषेक और जतिन के साथ मारपीट की गई। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाईवे किया था जाम
आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज के लोग सोमवार को रुद्रपुर कोतवाली पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने हाईवे जाम कर दिया था। बाद में शन्नी चुघ की गिरफ्तारी के बाद लोग शांत हुए। मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार शन्नी चुघ को जेल भेज दिया था।
ऋषिकेश एम्स ले जाते समय मौत
गुरुवार शाम अभिषेक की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स ले जाया जा रहा था। हालांकि, रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अभिषेक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। स्वजन और रिश्तेदार बरेली पहुंच गए हैं।
स्वजन के अनुसार, शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव रुद्रपुर लाया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
13 साल पहले पिता की हो चुकी है मौत
अभिषेक के पिता नरेश वाल्मीकि की करीब 13 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। परिवार में इकलौते बेटे अभिषेक के अलावा तीन बहनें अर्चना, संजना और सपना हैं। पिता की मृत्यु के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मां पूजा ने संभाली। उन्होंने पर्यावरण मित्र की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण किया।
अभिषेक की मौत के बाद रुद्रपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और पीएसी की तैनाती जारी है।

