देहरादून: पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार सुबह सचिवालय में मंत्रिमंडल की अहम बैठक आयोजित हुई। कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहली बैठक थी, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने नए मंत्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और राज्य के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेश की जानकारी भी मंत्रिमंडल को दी, जिसे मुख्य सचिव ने पढ़कर सुनाया।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
लोक निर्माण विभाग (PWD)
1 करोड़ रुपये से अधिक के कंसल्टेंसी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
न्याय विभाग
कर्मचारियों को नाममात्र ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन देने का निर्णय।
वन विभाग
मुख्य प्रशासनिक पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष की गई।
ऊर्जा विभाग
सब्सिडी का लाभ 31 मार्च 2025 तक ही मान्य रहेगा।
उच्च शिक्षा विभाग
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय से जुड़े प्रीमियम प्रस्ताव पर प्रस्तुति दी गई।
गृह विभाग
वर्ष 2025 में नई नियमावली लागू करने को मंजूरी।
होमगार्ड
उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली तैयार।
प्रशिक्षण (गृह विभाग)
भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति को स्वीकृति।
कार्मिक विभाग
सिपाही और उपनिरीक्षक भर्ती में आयु सीमा में छूट के साथ अभ्यर्थियों को दोबारा मौका मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग
एडेड स्कूलों के अध्ययन के लिए उप-समिति गठित करने का निर्णय।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग
राज्य के लिए 2.2 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय।
अनाज खरीद नीति
गेहूं और धान खरीद पर केंद्र के बराबर मंडी शुल्क राज्य सरकार भी देगी।
स्वरोजगार योजनाएं
वीर उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10% आरक्षण पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए, साथ ही 5% अतिरिक्त सब्सिडी।
नियोजन विभाग
सेतु आयोग के तहत “टच” पहल को मंजूरी।
विधानसभा सत्र
पंचम विधानसभा सत्र बुलाने को स्वीकृति।
सरकार के इस फैसलों को राज्य के विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

