प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। गोदियाल ने कहा था कि वह मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे प्रेस क्लब में बहस के लिए मौजूद रहेंगे। निर्धारित समय पर गोदियाल प्रेस क्लब पहुंचे भी, लेकिन बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी वहां नहीं पहुंचे।
इस दौरान गोदियाल ने कहा कि किसी भी मामले में आरोपी पक्ष की ओर से लगाए जाने वाले अतीत के आरोप निराधार होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के पद पर तैनात किया गया था, लेकिन बाद में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उन्हें निजी सचिव के रूप में बदरीनाथ मंदिर में तैनात कर दिया और मंदिर के चढ़ावे की गणना का जिम्मा भी सौंप दिया।
गोदियाल ने कहा कि केवल आरोप लगाकर बीकेटीसी अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि द्विवेदी का आरोप है कि आरोपी कर्मचारी की नियुक्ति उनके कार्यकाल में हुई थी, लेकिन यदि कोई कर्मचारी बाद में किसी अनियमितता में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी नियुक्ति करने वाले व्यक्ति की नहीं हो सकती।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे हैं। यदि भविष्य में उन कर्मचारियों में से कोई भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया जाता है, तो क्या इसके लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

