वाण (चमोली) — आस्था और परंपरा के संगम स्थल सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान के साथ दोपहर दो बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के इस शुभ अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण छा गया और श्रद्धालुओं के जयकारों से वाण गांव गूंज उठा।
मंदिर के पुजारी खेम सिंह ने परंपरा का निर्वहन करते हुए आंखों पर पट्टी बांधकर गर्भगृह में प्रवेश किया और पूजा-अर्चना संपन्न कर मंदिर के कपाट खोले। मान्यता के अनुसार, लाटू देवता के दर्शन विशेष नियमों और परंपराओं के तहत ही किए जाते हैं, जिसका पालन आज भी पूरी श्रद्धा से किया जाता है।
कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान देव नृत्य, झोड़ा और चांचरी जैसे पारंपरिक लोक नृत्यों का आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिए। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
अब अगले छह महीनों तक मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खुला रहेगा, जिससे क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

