केदारनाथ मंदिर के कपाट आज बुधवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री केदार’ के जयघोष से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। कपाट खुलने के दौरान सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों ने माहौल को और अधिक दिव्य बना दिया।
पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से की गई। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने उत्तराखंडवासियों से श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने की अपील भी की।
गौरतलब है कि 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण हुआ, जो आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
कपाट खुलने से पहले भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए धाम पहुंची। सुबह 5 बजे से पूजा प्रक्रिया शुरू हुई और ठीक 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए।
इस अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कपाट उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, तीर्थ पुरोहित, धर्माचार्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

