केदारनाथ मंदिर के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष के बीच कपाट खुलते ही केदारनाथ यात्रा का भी औपचारिक शुभारंभ हो गया।
कपाटोद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए ‘पांच संकल्प’ अपनाने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि चारधाम यात्रा भारत की आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से इन पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया—स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और सहयोग की भावना रखना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और यात्रा के नियमों का पालन करना।
इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों को ‘डिजिटल उपवास’ रखने और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को महसूस करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा उत्सव है, जो ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करती है।
गौरतलब है कि गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 19 अप्रैल को खोले जा चुके हैं, जबकि बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि केदारनाथ और चारधाम की यह यात्रा हमारी सनातन संस्कृति के दिव्य दर्शन कराती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय होने और बाबा केदार की कृपा बनाए रहने की कामना की।

