रामनगर। पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को रामनगर पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान धाम में हनुमान जयंती के अवसर पर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भंडारा कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के रूप में है और इसका देवत्व बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखना ही राज्य की असली पहचान है और इस दिशा में सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र करते हुए कहा कि इसे लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड से समान नागरिक संहिता की गंगा निकली है, जो अन्य राज्यों में भी आगे बढ़ेगी।”
मुख्यमंत्री ने हनुमान धाम को एक अलौकिक और तेजी से विकसित हो रहे आध्यात्मिक केंद्र के रूप में बताते हुए कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इससे पहले रामनगर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा नगर मंडल द्वारा आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने, सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान श्री बालाजी मंदिर में भी दर्शन किए।
हनुमान धाम को पांचवें धाम का दर्जा देने की मांग
इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे स्वामी यतीन्द्रानंद महाराज ने हनुमान धाम को पांचवें धाम के रूप में मान्यता देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां 11 धाम होने चाहिए, जिनमें हनुमान धाम को विशेष स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कलियुग में उत्तर भारत में दो भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ है—एक अयोध्या में श्रीराम मंदिर और दूसरा रामनगर का हनुमान धाम।
भव्य धार्मिक आयोजन का समापन
हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महामारूति रुद्र यज्ञ, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया और भक्ति रस में डूबे नजर आए।

