उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुलने के बावजूद रोमांच के शौकीनों को अभी गोमुख-तपोवन और केदारताल ट्रैक के लिए इंतजार करना पड़ेगा। अधिक बर्फबारी और ग्लेशियर के कारण दोनों ट्रैक कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे फिलहाल आवाजाही शुरू नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष फरवरी और मार्च के पहले सप्ताह तक मौसम अनुकूल रहने से ट्रैकिंग एसोसिएशन से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि एक अप्रैल से ट्रैकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। प्रशासन की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन मार्च के मध्य के बाद क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी ने योजनाओं पर पानी फेर दिया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में अभी भी रोजाना शाम के समय बर्फबारी हो रही है। इसके चलते गोमुख और केदारताल ट्रैक पर कई जगह बर्फ और ग्लेशियर जमा होने से रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दोनों ही ट्रैक लगभग 18-18 किलोमीटर लंबे हैं।
फिलहाल विभाग को उम्मीद है कि इस माह के अंत तक स्थिति में सुधार होने पर ट्रैक खोले जा सकते हैं, हालांकि लगातार हो रही बर्फबारी इस समयसीमा को आगे भी बढ़ा सकती है।
रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद विभागीय टीम ट्रैक की रेकी (निरीक्षण) के लिए भेजी जाएगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही ट्रैक खोलने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

