हल्द्वानी। करीब ढाई साल बाद उत्तराखंड दौरे पर आ रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे हल्द्वानी से पार्टी के चुनावी अभियान को धार देंगे। आठ अगस्त को रामलीला मैदान में होने वाली कार्यकर्ता रैली के जरिए कांग्रेस कुमाऊं मंडल की 29 विधानसभा सीटों पर चुनावी माहौल बनाने के साथ ही भाजपा सरकार पर सियासी हमला बोलेगी।
रैली में पेपर लीक, चढ़ावा चोरी, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। कांग्रेस का दावा है कि खरगे की रैली से प्रदेश में पार्टी के चुनावी अभियान को नई गति मिलेगी।
कुमाऊं की 29 सीटों पर फोकस
उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से 29 सीटें कुमाऊं मंडल के छह जिलों में हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश में 19 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिनमें 11 सीटें कुमाऊं मंडल की थीं। मंगलौर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या में एक सीट का इजाफा हुआ। वहीं, गढ़वाल मंडल की 41 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के पास फिलहाल नौ सीटें हैं।
35 से 40 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने का लक्ष्य
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि खरगे की हल्द्वानी रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पार्टी ने रैली में 35 से 40 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता रैली को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।
गोदियाल के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव को कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व गंभीरता से ले रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद खरगे की हल्द्वानी रैली से चुनावी शंखनाद होगा। आने वाले दिनों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के उत्तराखंड में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
सैलजा ने तैयारियों की समीक्षा की
खरगे के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बुधवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य नेताओं से तैयारियों की जानकारी ली।
सैलजा ने पार्टी नेताओं को रैली को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। कांग्रेस का मानना है कि खरगे के दौरे से प्रदेश संगठन में नई ऊर्जा आएगी और आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में मदद मिलेगी।

