रुद्रप्रयाग/श्रीनगर: प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब अलकनंदा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रुद्रप्रयाग में नदी किनारे स्थापित शिव मूर्ति पानी में डूब गई। वहीं श्रीनगर में नदी का पानी अलकेश्वर घाट की निचली सीढ़ियों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों और घाट पर आने-जाने वालों में सतर्कता बढ़ गई।
चमोली, रुद्रप्रयाग और आसपास के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर सुबह के समय तेजी से बढ़ा। सिंचाई विभाग के अनुसार सुबह छह बजे से दस बजे के बीच नदी का जलस्तर बढ़कर 533.60 मीटर तक पहुंच गया। बढ़े हुए जलस्तर के चलते श्रीनगर स्थित अलकेश्वर घाट की निचली सीढ़ियां पानी से घिर गईं।
सोमवार सुबह श्रीनगर के आंचल डेयरी, कीर्तिनगर और मलेथा क्षेत्र में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बावजूद ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर नदी के जलस्तर पर देखने को मिला।
हालांकि दोपहर बाद जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की गई और दोपहर दो बजे तक यह घटकर 533.20 मीटर पर पहुंच गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
सिंचाई विभाग की अपर सहायक अभियंता अंकिता राणा ने बताया कि अलकनंदा नदी का चेतावनी स्तर 535 मीटर और खतरे का निशान 536 मीटर निर्धारित है। फिलहाल नदी चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे बह रही है तथा किसी प्रकार का तत्काल खतरा नहीं है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर जाने वाले श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने और अनावश्यक रूप से नदी के करीब न जाने की अपील की है।

