रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। मानसून के कारण यात्रा प्रभावित होने से केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटकर प्रतिदिन एक हजार से भी कम रह गई है। यात्रियों की संख्या में आई इस गिरावट का सीधा असर केदारघाटी के स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबार पर पड़ रहा है।
लगातार बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार मलबा हटाने और मरम्मत कार्य में जुटे हैं, लेकिन बीच-बीच में यात्रा बाधित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है।
श्री केदारधाम होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने कहा कि आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बरसात के मौसम में यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए रात्रि में एक निर्धारित समय के बाद केदारनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

