चमोली/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने फिर करवट ली है। केदारनाथ धाम में लगातार बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जबकि यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद बर्फबारी थमने के बाद चटख धूप खिली और अद्भुत नजारा देखने को मिला। वहीं बदरीनाथ धाम से औली तक पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है।
चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में मंगलवार रात से लगातार हो रही बारिश के चलते प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, ब्रह्मताल और भीकलताल बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी और ठंडी हवाओं के बीच ट्रैकिंग रूट पर गए 49 पर्यटक सुरक्षित रूप से बेस कैंप लोहाजंग पहुंच गए।
इसी बीच जानकारी दी गई है कि अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हालांकि लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण यात्रा व्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है। यमुनोत्री हाईवे पर पाली गाड से फूलचट्टी के बीच कई स्थानों पर सड़क दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
वहीं चमोली जिले में बुधवार को दिनभर बारिश और बर्फबारी जारी रही। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नीती घाटी और औली सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। अप्रैल महीने में भी जनवरी जैसी ठंड का अहसास हो रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है।
मौसम की इस करवट ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार दिया है, वहीं यात्रा और स्थानीय लोगों के लिए चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं।

