शुक्रवार को डॉक्टर्स की रहेगी हड़ताल


देहरादून। संवाददाता। निजी चिकित्सक क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट के खिलाफ उतर आये हैं। डाक्टरों ने 15 फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। डाक्टरों ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में लाकर इसको लागू किया जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में निजी चिकित्सकों ने फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। इसकी शुरुआत बुधवार से हो भी गई है।

प्राइवेट अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों ने विरोध स्वरूप काले फीते बांधकर काम किया। आगामी शुक्रवार से प्रदेश में प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद रहेंगे। जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रांतीय अध्यक्ष डा. बीएस जज और सचिव डा. डीडी चौधरी ने बुधवार को दून में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद ही उनके निर्देश पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थकेयर एस्टेब्लिशमेंट ऐक्ट का मसौदा तैयार किया गया था।

स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा ने इसमें कुछ संशोधन की जरूरत बताई थी। इसके बाद यह मसौदा उन्हें सौंप दिया गया था। लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल दिसबर में निजी चिकित्सकों ने आंदोलन किया था। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि बुधवार और गुरुवार को काले फीते बांधकर विरोध जताया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार से सभी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिक बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। कहा कि यदि राज्य सरकार उनकी पांच सूत्री मांगों का समाधान करती है तभी हड़ताल स्थगित की जाएगी।

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