Thursday, June 25, 2026
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राजाजी टाइगर रिजर्व में बढ़ेगा बाघों का कुनबा, NTCA ने पांच और बाघों की शिफ्टिंग को दी मंजूरी

देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने कार्बेट नेशनल पार्क से पांच और बाघों को राजाजी लाने पर सहमति दे दी है। इनमें तीन बाघिन और दो बाघ शामिल हैं। इससे पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की स्थायी आबादी विकसित करने और जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन पिछले कई वर्षों से पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2016 में बाघ शिफ्टिंग योजना बनाई गई थी, जिसे वर्ष 2018 में एनटीसीए से मंजूरी मिली। इसके तहत दिसंबर 2020 से मई 2025 तक कार्बेट से कुल पांच बाघों को राजाजी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया था। इनमें तीन बाघिन और दो बाघ शामिल थे। सभी बाघों को मेडिकल परीक्षण के बाद सैटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा गया था, ताकि उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके।

मई 2025 में पांचवें बाघ को मोतीचूर रेंज में छोड़े जाने के साथ परियोजना का पहला चरण पूरा हुआ था। अब दूसरे चरण के तहत फिर से पांच बाघ राजाजी लाए जाएंगे। वन अधिकारियों का मानना है कि इससे पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ उनका प्राकृतिक प्रजनन भी तेज होगा।

हालांकि इससे पहले इस परियोजना को झटका भी लगा था। वर्ष 2024 में एक बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गुलदार के हमले की पुष्टि हुई थी, जबकि दो अन्य शावकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। वहीं, 2020 से 2025 तक लाए गए पांच बाघों में से तीन के पार्क क्षेत्र से बाहर चले जाने की आशंका भी जताई गई है।

राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में कुल 55 बाघ हैं, जो मुख्य रूप से पूर्वी क्षेत्र में मौजूद हैं। पश्चिमी क्षेत्र लंबे समय से बाघ विहीन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क, चीला नहर और अन्य मानव निर्मित अवरोधों के कारण बाघों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि इस क्षेत्र में पर्याप्त संसाधन और आवास उपलब्ध हैं।

राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोशे ने बताया कि पश्चिमी क्षेत्र में पांच और बाघों को लाने के लिए एनटीसीए के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया गया था। प्राधिकरण ने सहमति दे दी है और जल्द ही लिखित अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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