सहसपुर। सहसपुर ब्लॉक की मिसरास पट्टी स्थित बुटोली गांव में सोमवार को हुई अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई। शेरूखाला नाले में आए उफान से गांव को जोड़ने वाला करीब 50 मीटर मुख्य मार्ग पूरी तरह बह गया। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से गांव का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
करीब 32 परिवारों और 200 की आबादी वाले बुटोली गांव में हालात गंभीर बने हुए हैं। मार्ग बहने के कारण 12 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी, जबकि 20 परिवार अभी भी गांव में ही फंसे हुए हैं।
गांव के लोगों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। अधिकांश ग्रामीण आंचल डेयरी को दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन सड़क संपर्क टूटने के कारण पिछले दो दिनों से दूध की सप्लाई पूरी तरह बंद है। वहीं, स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गांव में राशन व पेयजल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।
घर छोड़ने वाले 12 परिवार फिलहाल कोटी, कोटड़ा, भाऊवाला, चांदपुर और सहसपुर में किराये के मकानों में रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार बारिश में गांव की स्थिति बदतर हो जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय रावत और वार्ड सदस्य दीपक थापली, सुनील कुमार रावत, सतीश व राजेश थापली ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गांव का वजूद खतरे में है, लेकिन घटना के बाद अब तक तहसील या जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मार्ग को खोलने के साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है। वहीं, एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि मौके का निरीक्षण करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

