देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए ठंड का अहसास फिर बढ़ा दिया है। जहां एक ओर केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश ने तापमान गिरा दिया है। बर्फ से ढके पहाड़ों और रास्तों के मनमोहक दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन ठंड में भी इजाफा हुआ है।
राजधानी देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में रातभर हुई बारिश के चलते सुबह से ठंडक बढ़ गई। लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े, स्वेटर और जैकेट निकालने पड़े। बारिश के कारण दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून का न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मसूरी और अन्य पहाड़ी इलाकों में तापमान और अधिक गिर गया है।
विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। साथ ही 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में चकराता में 36.3 मिमी, मसूरी में 32.4 मिमी, कोटद्वार में 32 मिमी और कीर्तिनगर में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोटी में सबसे अधिक 57 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि नागथात और धनोल्टी में भी अच्छी बारिश हुई।
मौसम में इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और भूमध्यसागर से नमी लेकर आता है, जिससे उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश-बर्फबारी की स्थिति बनती है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया है।

