देहरादून/रुद्रपुर। करीब ढाई महीने के अंतराल के बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा आज पांच दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रुद्रपुर पहुंच रही हैं। उनके इस दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि उनके आने से पार्टी में चल रही गुटबाजी और आपसी खींचतान कुछ हद तक कम हो सकती है।
गौरतलब है कि कुमारी सैलजा इससे पहले 8 जनवरी 2026 को देहरादून आई थीं, जिसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में ही प्रदेश नेताओं के साथ बैठकें कीं। इस बार उनके दौरे से पहले ही प्रदेश कांग्रेस में बयानबाजी तेज हो गई है और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
रामनगर से 2022 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके संजय नेगी को पार्टी में शामिल करने को लेकर विवाद और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के 15 दिन के अवकाश पर जाने के फैसले ने भी पार्टी के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि प्रभारी के दौरे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान कुमारी सैलजा ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, नैनीताल जिले के हल्द्वानी, पौड़ी के कोटद्वार, हरिद्वार और देहरादून में पार्टी के महानगर, जिला कमेटियों और प्रदेश नेताओं के साथ बैठकें करेंगी तथा आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगी। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं को बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, अवकाश पर चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बैठकों में शामिल होने को लेकर अभी स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। उनका 15 दिन का अवकाश 10 अप्रैल को पूरा हो रहा है, जबकि प्रभारी 11 और 12 अप्रैल को देहरादून में रहेंगी।
हालांकि हरीश रावत ने कहा कि वह पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में प्रभारी के स्वागत के लिए जरूर जाएंगे और उन्हें गुलदस्ता भेंट करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि अपनी पुस्तक “उत्तराखंडियत पार्ट-दो” को अंतिम रूप देने के चलते आवश्यकता पड़ने पर अवकाश बढ़ाया भी जा सकता है।
कुल मिलाकर, कुमारी सैलजा का यह दौरा प्रदेश कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है, जहां एक ओर संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा होगी, वहीं गुटबाजी को नियंत्रित करने की भी बड़ी चुनौती सामने रहेगी।

