देहरादून। प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद मंगलवार और बुधवार को यात्रा पर रोक लगाई गई है। मौसम सामान्य रहने पर 30 जुलाई से यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप के निर्देश पर केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई। हालांकि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तक सोनप्रयाग से लगभग 1,600 श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया, जिसके बाद यात्रा स्थगित कर दी गई।
इस बीच जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के समीप नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 से 30 मीटर मार्ग दो से ढाई मीटर तक धंस गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस हिस्से पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
वहीं पालीगाड़, सिलाई बैण्ड, झझर गाड़, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया क्षेत्रों में मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और संबंधित विभाग मार्गों को सुरक्षित बनाने और मलबा हटाने के कार्य में जुटे हैं।
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद 30 जुलाई से यात्रा पुनः संचालित की जाएगी।

